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संसद का शीतकालीन सत्र रद्द होने पर विपक्ष का सवाल, सब कुछ जारी तो सत्र क्यों नहीं?

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देश में बेशक कोरोना के नए मामलों के आने का सिलसिला थोड़ा कम हुई है लेकिन हालात काबू में अभी भी नहीं आए हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए संसद का शीतकालीन सत्र इस बार नहीं बुलाया जाएगा.

सरकार ने ऐलान किया है कि कोविड-19 के कारण इस बार संसद के शीतकालीन सत्र का आयोजन नहीं किया जाएगा. सरकार के इस फैसले को विपक्ष किसान आंदोलन के साथ जोड़कर देख रही है.

कोरोना के बहाने शीतकालीन सत्र रद्द Winter session Parliament canceled

किसान आंदोलन का खुलकर समर्थन कर रही विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि मुखर होते इस आंदोलन की वजह से सरकार ने इस बार शीतकालीन सत्र न बुलाने का फैसला किया है.

विपक्ष का कहना है कि मोदी सरकार सदन में किसान आंदोलन पर चर्चा से डर रही है. वहीं संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि सभी पक्ष सत्र को रोकने पर सहमत हैं.

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार से बचने के लिए शीतकालीन सत्र के पक्ष में कोई नहीं था.

विपक्ष ने उठाया सवाल  Winter session Parliament canceled

इस मामले पर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा “मोदी जी, कोरोना काल में NEET/JEE व IAS की परीक्षाएं संभव हैं. Winter session Parliament canceled

स्कूलों में कक्षाएं, यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं संभव हैं. बिहार-बंगाल में चुनावी रैलियां संभव हैं. तो संसद का शीतकालीन सत्र क्यों नही? जब संसद में जनता के मुद्दे ही नहीं उठेंगे तो लोकतंत्र का अर्थ ही क्या बचेगा?

गौरतलब है कि देश में मोदी सरकार ने जब मानसून सत्र को बुलाया था तब कोरोना के 70 हजार से ज्यादा एक दिन में नए मामले दर्ज किए जा रहे थे. Winter session Parliament canceled

लेकिन आज कोरोना के नए मामलों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है. देश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 26 हजार नए मामले दर्ज किए गए. वहीं इस वायरस की वजह से 387 लोगों की मौत हो गई.

ऐसे में मोदी सरकार के द्वारा सत्र रद्द करने के फैसले पर विपक्ष का सवाल उठाना लाजमी है. Winter session Parliament canceled

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