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#WomensDay: PM मोदी ने सात महिलाओं को सौंपा ट्विटर, आईये जानते हैं स्नेहा मोहन दास की कहानी

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नारी शक्ति को शुभकामनाएं दी हैं. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ट्विटर उन महिलाओं को सौंप दिया हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम किया है. उनके अकाउंट से सबसे पहले स्नेहा मोहन दास ने अपनी कहानी साझा की है. वह बेघरों को खाना खिलाने वाले फूडबैंक इंडिया की संस्थापक हैं. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद आज महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित करेंगे.

फूडबैंक नाम से अभियान चलाती हैं स्नेहा मोहन दास

प्रधानमंत्री मोदी ने सात महिलाओं को अपना ट्विटर अकाउंट सौंप दिया है. जिसमें से पहली महिला स्नेहा मोहन दास हैं. वह फूडबैंक नाम से अभियान चलाती हैं जो बेघरों को खाना देने का काम करता है. उन्होंने अपनी कहानी साझा करते हुए लिखा, ‘आपने सोचने के लिए खाना जरूरी है के बारे में सुना होगा. अब समय है कि इसपर कार्य किया जाए और गरीबों को एक बेहतर भविष्य दिया जाए.

मुझे अपनी मां से प्रेरणा मिली जिन्होंने बेघरों को खाना खिलाने की आदत डाली. मैंने फूडबैंक इंडिया नाम के अभियान की शुरुआत की. भूख मिटाने की दिशा में मैंने स्वयंसेवियों के साथ काम किया जिनमें से ज्यादातर विदेश में रहते हैं. हमने 20 से ज्यादा सभाएं की और अपने काम के जरिए कई लोगों को प्रभावित किया. हमने साथ में मिलकर खाना बनाने, कुकिंग मैराथन, स्तनपान जागरुकता जैसी गतिविधियों की शुरुआत की. मुझे तब सशक्त महसूस होता है जब मैं वह करती हूं जिसका मुझे शौक है. मैं अपने देश के नागरिकों खासकर महिलाओं को आगे आने और मेरे साथ हाथ मिलाने के लिए प्रेरित करना चाहती हूं. मैं सभी से आग्रह करती हूं कि कम से कम एक जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं और एक भूख मुक्त ग्रह में योगदान दें.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वादे के अनुसार महिलाओं को अपने सोशल मीडिया अकाउंट सौंप दिया है. उन्होंने लिखा, ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई. हम अपनी नारी शक्ति की भावना और उपलब्धियों को सलाम करते हैं. जैसा कि मैंन कुछ दिनों पहले कहा था मैं अफने अकाउंट को कुछ समय के लिए छोड़ रहा हूं. पूरे दिन सात महिलाएं अपनी जीवन यात्राएं साझा करेंगी और मेरे सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से संभवत: आपसे बातचीत करेंगी. भारत के सभी हिस्सों में उत्कृष्ट महिलाएं मौजूद हैं. इन महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में बाहतरीन काम किया है. उनका संघर्ष और आकांक्षाएं लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं. आइये हम इन महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाएं और उनसे सीखें.

… तो क्या यस बैंक संकट के बारे में अडानी को पता था ?