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लव जिहाद अध्यादेश पर रोक लगाने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया इनकार

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में धर्म परिवर्तन प्रतिषेध एक्ट को लागू कर दिया है. राज्य में कानून लागू करने पर सियासी पारा भी चढ़ गया था. Yogi Government High Court Relief

इतना ही नहीं राजनीतिक दल से जुड़े लोग इस एक्ट पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए आपाधापी में लाया गया अध्यादेश करार दिया था.

इस अध्यादेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में 4 अलग-अलग याचिका दाखिल की गई थी. मामले सुनवाई करते हुए कोर्ट ने योगी सरकार को बड़ी राहत दी है कोर्ट अध्यादेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

हाईकोर्ट ने लव जिहाद कानून पर रोक लगाने से किया इनकार Yogi Government High Court Relief

योगी सरकार ने जब इस एक्ट को लागू किया था उस दौरान सियासत से जुड़े लोग इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया था इतना ही नहीं इस एक्ट के खिलाफ चार अलग-अलग अर्जियां दायर की गई थी.

इन अर्जियों में योगी सरकार पर अध्यादेश से राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया गया है. Yogi Government High Court Relief

कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इस अध्यादेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया साथ ही साथ योगी सरकार से अगले साल 4 जनवरी को विस्तृत जवाब भी तलब किया है. मामले की आखरी सुनवाई 7 जनवरी को होगी.

राज्य सरकार पर अध्यादेश से सियासी फायदा उठाने का लगाया था आरोप

इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिविजन बेंच में हुई. इन याचिताओं में मांग की गई थी इस कानून के तहत जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनको भी रिहा किया जाए.

राज्य सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दिन प्रतिदिन धर्मांतरण की घटनाओं में इजाफा हो रहा है राज्य के कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अध्यादेश जरूरी हो गया है.

क्या होगी अब कानूनी प्रक्रिया Yogi Government High Court Relief

विवाह के लिए छल, कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 साल के कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है.

इसके अलावा इस कानून के मुताबिक, धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी और यह बताना होगा कि धर्म परिवर्तन जबरन, दबाव डालकर, लालच देकर या किसी तरह के छल कपट से नहीं किया जा रहा है.

अनुमति से पहले 2 महीने का नोटिस देना होगा. ऐसा न करने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा होगी, वहीं कम से कम 10 हजार का जुर्माना भी देना होगा. Yogi Government High Court Relief

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